Farmer Protest: किसान संगठन आथ KMP-KGP हाइवे करेंगे जाम, अप्रैल में ये है आंदोलन की रणनीति

किसान मोर्चा ने आगे कहा है कि नफरत एवं बंटवारे की भावना से बीजेपी के नेता किसानों व मजदूरों को आपस मे दुश्मन के तौर पर पेश करते हुए हरियाणा में विभिन्न कार्यक्रम कर सकते हैं. हम सभी दलित-बहुजन व किसानों से अपील करते है कि शांत रहते हुए इन ताकतों का विरोध करें. 

कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठन 4 महीने से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं. इस बीच सयुंक्त किसान मोर्चा द्वारा आंदोलन की अगली रणनीति के संबंध में कई घोषणाएं की गईं. जिसमें कहा गया कि आज (10 अप्रैल) सरकार को चेतावनी स्वरूप सुबह 8 बजे से 11 अप्रैल सुबह 8 बजे तक KMP-KGP हाइवे को जाम किया जाएगा. 

सयुंक्त किसान मोर्चा की ओर से डॉ दर्शन पाल ने कहा है कि इसके बाद 13 अप्रैल को दिल्ली की सीमाओं पर खालसा पंथ का स्थापना दिवस मनाया जाएगा. साथ ही जलियावाला बाग हत्याकांड की बरसी पर शहीदों के सम्मान में कार्यक्रम होंगे. 

Farmer Protest: इसके बाद 14 अप्रैल को 'संविधान बचाओ दिवस' और 'किसान बहुजन एकता दिवस' मनाया जाएगा

इसके बाद 14 अप्रैल को 'संविधान बचाओ दिवस' और 'किसान बहुजन एकता दिवस' मनाया जाएगा. इस दिन सयुंक्त किसान मोर्चे की सभी स्टेज बहुजन समाज के आंदोलनकारी चलाएंगे और सभी वक्ता भी बहुजन होंगे. 

किसान मोर्चा ने आगे कहा है कि नफरत एवं बंटवारे की भावना से बीजेपी के नेता किसानों व मजदूरों को आपस मे दुश्मन के तौर पर पेश करते हुए हरियाणा में विभिन्न कार्यक्रम कर सकते हैं. हम सभी दलित-बहुजन व किसानों से अपील करते है कि शांतमयी रहते हुए इन ताकतों का विरोध करें. 

सयुंक्त किसान मोर्चा द्वारा घोषणा की गई कि इस दिन कैथल में हरियाणा के किसान विरोधी उपमुख्यमंत्री ने जानबूझकर एक कार्यक्रम रखा है. हम किसानों व दलित-बहुजनो से अपील करते है कि शांत रहते हुए ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर इस कार्यक्रम को रद्द करवाएं. 

साथ ही इस आंदोलन में लोकल लोगों की भागीदारी व उनके समर्पण का सम्मान करते हुए 18 अप्रैल को सभी मोर्चो पर आसपास के लोगों का सम्मान किया जाएगा व उस दिन मंच संचालन का जिम्मेदारी भी लोकल लोगों को दी जाएगी.    इसके बाद 20 अप्रैल को धन्ना भगत की जयंती पर उनके गांव धोआ कलां से दिल्ली की सीमाओं पर मिट्टी लायी जाएगी व उनकी याद में टिकरी बॉर्डर मोर्चे पर कार्यक्रम होंगे. फिर 24 अप्रैल को इस मोर्चे के 150 दिन होने पर एक हफ्ते के विशेष कार्यक्रम होंगे, जिनमें किसानों मजदूरों के साथ साथ कर्मचारी, छात्र, नौजवान, कारोबारी व अन्य संगठनों को दिल्ली मोर्चा में शामिल होने का आह्वान किया जाएगा.    सयुंक्त किसान मोर्चा ने आगे कहा है कि अप्रैल के आखिरी सप्ताह में देशभर में किसान आंदोलन को समर्थन देने वाले संगठनों की कन्वेंशन की जाएगी, जिसमें इस आंदोलन को देशव्यापी तेज करने की योजना बनाई जाएगी. संसद मार्च की निर्धारित तारीख का मोर्चे की अगली बैठक में सोच विचार कर ऐलान कर दिया जाएगा.