UP:लाउडस्पीकर से अज़ान मामले में उल्टा पड़ गया दांव, मंदिरों के लाउडस्पीकर पर भी लगेगी पाबंदी

Ravindra Choudhary | Gaondastak.com | March 22, 2021

इलाहाबाद में पिछले दिनों इलाहाबाद केंद्रीय यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर एवं कुलपति संगीता श्रीवास्तव द्वारा म’स्जिद में होने वाली अज़ा’न से नीं’द में ख’ल’ल पैदा करने की बात कह कर इस पर रोक लगाए जाने की मांग की थी इस मामले के सामने आने के बाद मुख्यधारा के मीडिया ने इसका पूरी तरीके से राजनीतिकरण कर दिया और ध’र्म के आधा’र पर राजनीति करने वाले नेता अपनी सियासी रोटियां सें’क’ने लगे मामले का पूरी तरह से राजनीतिकरण होने के बाद प्रयागराज के आईजी केपी सिंह ने चारों जनपदों के डीएम और एसएसपी को एक खत लिख भेजा है।

जानकारी के अनुसार प्रयागराज के आईजी ने इस खत में प्र’दू’ष’ण कानून और हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन कराने की बात कही है जिसके अंतर्गत रात के 10:00 बजे से सुबह के 6:00 बजे तक लाउडस्पीकर से किसी भी तरह के भा’ष’ण या संबोधन पर पा’बं’दी लागू होती है इस एक्ट के तहत किसी को भी अपने मूल अधिकारों का प्रयोग करते हुए दूसरों के मूल अधिकारों का उ’ल्लं’घ’न करने का अधिकार नहीं होता है आईजी प्रयागराज के अनुसार पॉ’ल्यू’शन एक्ट में रात्रि के 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक लाउडस्पीकर पर किसी भी तरह के भा’ष’ण,संबोधन या धा’र्मि’क ध्वनि बजाने की मना’ही है साथ ही साथ आपको यह भी बता दें कि शादी विवाह या किसी निजी पार्टी के आयोजनों मे प्रशासन से विशेष अनुमति लेने के बाद रात के 12 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने की इजाजत दी जा सकती है।

आईजी प्रयागराज द्वारा दिए गए इस निर्देश के बाद यह भी साफ किया गया है कि पॉल्यूशन एक्ट के तहत हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार किसी भी धा’र्मि’क स्थल पर चाहे वह म’स्जिद हो या मं’दिर हो रात के 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक ते’ज आवाज में या किसी भी तरीके की लाउडस्पीकर पर आवास की इजाजत नहीं होगी ताकि आम जनता के निजी जीवन में कोई ख’ल’ल ना हो आपको बता दें कि इलाहाबाद केंद्रीय यूनिवर्सिटी की कुलपति संगीता श्रीवास्तव द्वारा की गई इस मांग के बाद मामले का राजनीतिकरण होते देख खुद म’स्जिद कमेटी ने बहुत ही सराहनीय फैसला लेते हुए आवाज कम कर दी थी और साथ ही साथ म’स्जिद में लगे लाउडस्पीकर का रुख भी शि’का’य’तक’र्ता संगीता श्रीवास्तव के घर की तरफ से दूसरी तरफ कर दिया था जो कहीं ना कहीं इस मामले के ब’हा’ने सं’प्र’दा’यि’क माहौल बनाने के जुगत में लगे लोगों के मुंह पर एक त’मा’चा था जिसकी लोगों ने सराहना भी की।