एक बार फिर बेनीवाल ने संसद में काले कानून वापसी की मांग को दोहराया

एक बार फिर बेनीवाल ने संसद में काले कानून वापसी की मांग को दोहराया



महेन्द्र कुड़िया Gaon Dastak : राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने मंगलवार को लोकसभा मे राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए किसान आन्दोलन के पक्ष में मजबूती से आवाज उठाई,बेनीवाल ने उत्तराखंड राज्य के चमोली जिले में हुई त्रासदी के काल कवलित हुए लोगो,कोरोना काल मे दिवगन्त हुए कोरोना वॉरियर्स व किसान आन्दोलन में दिवगंत हुए 200 से अधिक किसानों को श्रधांजली देते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की,उन्होंने कहा किसान आन्दोलन एक राज्य तक सीमित नही है क्योंकि यह देश का जन आंदोलन बन चुका है,उन्होंने सिंघु, गाजीपुर, टिकरी व शाहजहाँपुर बॉर्डर पर पड़ाव डालकर बैठे किसानों की तरफ सदन का ध्यान आकर्षित किया, उन्होंने कहा 26 दिसम्बर को एक लाख किसानों ने आजादी के बाद पहली बार जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम किया मगर आम जन व आवश्यक सेवाओ के लिए किसान सहयोग भी कर रहा है और किसान अपने हक तथा अधिकार के लिए शान्तिपूर्वक रूप से आन्दोलित है ! बेनीवाल ने मांग करते हुए कहा की तीनो कृषि बिलो को वापीस लेते हुए स्वामीनाथन कमेटी की सम्पूर्ण सिफारिशों को लागू किया जाए,उन्होंने 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसक घटनाओं की निंदा करते हुए कहा की किसानो के बेटों ने हमेशा देश के लिए शहादत देकर देश को आजाद करवाया ऐसे में किसान तिरंगे का अपमान नही कर सकते है,उन्होंने कहा जिन्होंने देश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया उसकी जांच करके दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए मगर 26 जनवरी की घटना की आड़ में आन्दोलन को बदनाम करने का प्रयास नही किया जाए और जब सरकार बिलों में संसोधन के लिए तैयार है तो जिद्द छोड़कर बिल वापिस लिए जाए क्योंकि संसोधन का प्रस्ताव देकर सरकार यह जाहिर कर चुकी है कि बिल किसानों के खिलाफ है और सरकार इस वहम में नही रहे कि आन्दोलित किसान थक जाएगा क्योंकि किसान न झुकेगा और न ही थकेगा और 2024 के चुनाव में इस बात का जवाब भी सरकार को मिल जाएगा ! उन्होने कोंग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा की 2006 से स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लंबित थी मगर उन्हें लागू नहीं की,उन्होंने कहा देश का किसान 100 रुपये खर्च करता है तो मात्र 57 रुपये वापिस मिलते है जबकि जापान व अमेरिका जैसे देशों में 100 रुपये खर्च करने पर 300 रुपये किसानों को मिलते है !


एमएसपी पर बने कानून -बेनीवाल ने राजस्थान में घोषणा के बावजूद एमएसपी पर खरीद नही की गई मूंग की उपज की तरफ सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा की मूंग की  उपज की खरीद नहीं कि गई क्योंकि यह कह दिया कि मूंग 10 प्रतिशत से ज्यादा खराब है वहीं खरीद में भी राइडर लगा हुआ है ऐसे में सरकार को एमएसपी को कानूनी अमलीजामा पहनाया जाए ,उन्होंने कहा मोदी को देश की जनता ने 2 बार चुना हैं ऐसे में जनता ,बेरोजगार युवाओं व किसानों को उनसे अपेक्षा है मगर भारत मे अब भी किसान व युवा परेशानी से झूझते हुए आत्महत्या कर रहे है ,संबोधन के दौरान सांसद का भाजपा के मंत्रियों व सांसदों से टकराव भी हुआ !
एमएसपी पर बने कानून -बेनीवाल ने राजस्थान में घोषणा के बावजूद एमएसपी पर खरीद नही की गई मूंग की उपज की तरफ सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा की मूंग की  उपज की खरीद नहीं कि गई वहीं खरीद में भी राइडर लगा हुआ है ऐसे में  एमएसपी को कानूनी अमलीजामा पहनाया जाए !