डिजिटल गुरुजी की सफलता कि कहानी : आखिर कैसे तय किया सुधा यादव ने शून्य से शिखर तक का सफर

डिजिटल गुरुजी की सफलता कि कहानी : आखिर कैसे तय किया सुधा यादव ने शून्य से शिखर तक का सफर

वर्तमान समय में सोशल मीडिया व्यक्तिगत और व्यावसायिक सफलता का एक बड़ा माध्यम बन चुका है। बड़ी से बड़ी व्यावसायिक कंपनियां इंटरनेट के माध्यम से अपने उत्पादों की मार्केटिंग एवं प्रमोशन कर रही हैं। जिसकी वजह से कई कुशल युवा जिन्हें सोशल मीडिया एवं प्रमोशन की तकनीकों की अच्छी जानकारी है इस माध्यम से सफल करियर की ना की सिर्फ शुरुआत कर रहे हैं बल्कि बड़ी सफलता भी हासिल कर रहे हैं।

पिछले कुछ वर्षों में कई युवाओं ने  डिजिटल मार्केटिंग में अपनी किस्मत आजमाने की कोशिश करी है। लेकिन डिजिटल मीडिया की मांग को ना समझने या अपने तौर तरीकों से डिजिटल मीडियम के यूजर्स को ना रिझा पाने की वजह से बहुत लोगों ने यह फील्ड छोड़ लिया। लेकिन जिन युवाओं ने उस समय अपनी स्किल को सुधारते हुए अपनी निरंतरता बनाए रखी वो अब सफलता की सीढ़ी चढ़ रहे हैं। इनमें सुधा यादव जैसी युवतियां शामिल है, जिन्होंने अपनी मेहनत के दम पर सफलता के शिखर हासिल किया है।

डिजिटल गुरुजी संस्थापक सुधा यादव ने स्कूल की पढ़ाई के साथ डिजिटल मार्केटिंग की नई-नई तकनीकें सीखने में मेहनत कि थी।

अकसर इकलौते दम पर आगे बढ़ने की कोशिश करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, कुछ ऐसा ही सुधा यादव के साथ हुआ, पर उन्होंने सभी दिक्कतों को दरकिनार करते हुए, अपना एक अलग नाम डिजिटल मार्केटिंग की दुनिया में बनाया है।

सुधा यादव का सपना है कि इंटरनेट से वंचित कुशल कारीगरों को डिजिटल गुरुजी के माध्यम से उनका प्रोडक्ट पूरी दुनिया में पहुंचाने का है, जिसके लिए वह इस दिशा में निरंतर कड़ी मेहनत से काम कर रही है। डिजिटल गुरुजी के साथ ही सुधा यादव यूपीएससी की परीक्षा को क्रैक करने के लिए पढ़ाई कर रही हैं।