दिल्ली की ओर बढ़ रहे हरियाणा और पंजाब के सैकड़ों किसान, रोकने के लिए पुलिस ने चलाई पानी की बौछारे

दिल्ली की ओर बढ़ रहे हरियाणा और पंजाब के सैकड़ों किसान, रोकने के लिए पुलिस ने चलाई पानी की बौछारे


किसानों ने तीन कृषि  कानूनों के विरोध में फिर से विरोध का झंडा बुलंद कर दिया है. हरियाणा और पंजाब से सैकड़ों की संख्या में किसानों ने आज यानी 26 नवंबर को दिल्ली में धरना देने के लिए आने का ऐलान किया है. ये किसान दिल्ली न पहुंच सकें, इसके लिए कई कड़े कदम उठाए जा रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरियाणा ने पंजाब और दिल्ली के साथ लगने वाली अपनी सीमाओं को सील कर दिया है. हाईवेज़ पर भारी-भरकम बैरिकेडिंग की गई है. भारी मात्रा में पुलिस भी तैनात है. एक दिन पहले हरियाणा और पंजाब के बीच बस सर्विस को भी सस्पेंड कर दिया गया था.


हरियाणा के किसान दिल्ली पहुंचने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. ‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को हरियाणा के किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने उनके ऊपर वॉटर कैनन का इस्तेमाल भी किया. ये घटना अंबाला और कुरुक्षेत्र नेशनल हाईवे पर हुई.

लोगों से हरियाणा न आने की अपील

हरियाणा पुलिस ने ट्रेवल एडवाइज़री भी जारी की है, जिसके ज़रिए यात्रियों से अनुरोध किया है कि वो अगले तीन दिन तक हरियाणा को दिल्ली और पंजाब से जोड़ने वाले कुछ नेशनल हाईवे के ज़रिए यात्रा न करें.

दिल्ली मेट्रो भी सतर्क

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की तरफ से भी बुधवार रात एक ट्वीट किया गया. जानकारी दी गई कि किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस की अपील पर और कोरोना काल में भीड़भाड़ जमा होने से रोकने के लिए कुछ रूट्स की सेवाएं बंद की गई हैं. दोपहर दो बजे तक मेट्रो दिल्ली से लगे बाकी शहरों में नहीं जाएगी. जैसे- नोएडा, फरीदाबाद, गाज़ियाबाद, वैशाली और गुरुग्राम, और न ही NCR के किसी स्टेशन से मेट्रो ट्रेन दिल्ली आएगी. हालांकि ये सेवाएं दोपहर दो बजे के बाद से पहले की तरह चलने लगेंगी.

दिल्ली पुलिस क्या कहती है?

‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस का कहना है कि बहुत से किसान संगठनों ने दिल्ली में प्रोटेस्ट करने के लिए रिक्वेस्ट भेजी थी, लेकिन कोरोना काल में भीड़भाड़ इकट्ठी न हो, इसलिए पुलिस ने सारी रिक्वेस्ट रिजेक्ट कर दीं. डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (नई दिल्ली) ने ट्वीट कर कहा था,

"कृपया दिल्ली पुलिस के साथ सहयोग करें ताकि कोरोना काल में दिल्ली में कोई जमावड़ा न हो, अगर ऐसा नहीं हुआ तो कानून के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी"

प्रोटेस्ट में कौन-कौन शामिल?

‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, किसानों से जुड़े करीब 500 संगठनों ने इस प्रोटेस्ट का ऐलान किया है. पंजाब और हरियाणा के ये किसान पांच नेशनल हाईवेज के ज़रिए दिल्ली आ रहे हैं. 26-27 नवंबर को धरना प्रदर्शन करने का ऐलान है. भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के प्रेसिडेंट हैं बलबीर सिंह राजेवाल. उनका कहना है,अगर दिल्ली जाने से रोका गया, तो हरियाणा के किसान दिल्ली की तरफ जाने वाले नेशनल हाईवेज़ को ब्लॉक करेंगे. उत्तर प्रदेश के किसान भी दिल्ली की तरफ जाने वाली सड़कें जाम करेंगे. हमें जहां रोका जाएगा, हम वहां धरने पर बैठ जाएंगे. हम साथ में राशन, टैंट, गद्दे वगैरह लेकर चलेंगे. हमें सड़कों पर सोने की आदत है और हम सो जाएंगे. न केवल पंजाब के, बल्कि पूरे देश के किसान उस वक्त सड़कों पर सो जाएंगे, जब उन्हें आगे बढ़ने से रोका जाएगा. अब केंद्र पर निर्भर करता है कि वो क्या करते हैं.

कुछ किसान लीडर हिरासत में भी लिए गए

‘लाइव मिंट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ किसान नेताओं को हरियाणा पुलिस ने हिरासत में भी लिया है. सरकार के इस कदम का ऑल-इंडिया किसान संघर्ष कॉर्डिनेशन कमिटी (AIKSCC) ने विरोध किया है. ये भी दावा किया है कि मंगलवार यानी 24 नवंबर से करीब 31 किसानों को हिरासत में लिया जा चुका है. हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि अगर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाने पड़े, तो वो भी उठाए जाएंगे.