Gajendra Ajmera Bio : देखिए एक बस कंडक्टर कैसे बना राजस्थान का प्रसिद्ध लोकगायक

Gajendra Ajmera Bio : देखिए एक बस कंडक्टर कैसे बना राजस्थान का प्रसिद्ध लोकगायक 

Gajendra Ajmera New Song
Gajendra Ajmera

कहा जाता है कि जहां शब्द असफल वहाँ संगीत बोलता है  समूचा राजस्थान आज मोरुङा, सूवटिया , लोक देवता वीर तेजा जी भजन, जाट समाज को अर्पित गीत, फागुन गीत मामी नानदा, घोड़ी घुघरा बजावे, मायरो ओर इन्द्राणी जैसे गाने का दीवाना हैं।


साथ ही एक Bollywood फ़िल्म " गौरव- 2019" मुकेश खन्ना प्रोडेक्शन और 2 राजस्थानी फ़िल्मों में "जाहर वीर गोगपीर- 2011" और "मोसर- 2019" में गजेन्द्र अजमेरा ने अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा, इन सब गानो के इतना मसहूर होने के पीछे राज हैं इसमें छुपी मिश्री सी मिठास, इसे गाने वाले की मधुर वाणी और गायक की लय व ताल ।

वैसे आप अनजान तो नहीं होंगे फिर भी आपको याद दिला दें की इन गानो के मुख्य कलाकार और इनको सुविख्यात करने के मुख्य जिम्मेदार हैं मारवाङ के सुविख्यात गायक, गाँव लूँगिया (नागौर हाल मुक़ाम जोधपुर D.J. KING गजेन्द्र अजमेरा।

जिस प्रकार हम देख रहे है की इतनी अल्पायु में गजेन्द्र अजमेरा की ख्याति दिन- ब - दिन विस्तृत होती जा रही हैं तो क्यों न हमारी "प्रतिभा परिचय" मुहिम के तहत आज सभी साथियों को इनसे परिचित करवाया जाय।


गजेन्द्र अजमेरा का परिचय

जन्म : सुप्रसिद्ध गजेन्द्र अजमेरा का जन्म चारण जाति की दूरसावत आढा गौत्र में 25 सितम्बर 1986 को लूंगिया (नागौर) राजस्थान में हुआ वैसे सिरोही जिले का झांकर ग्राम इनका दूसरा गांव हैं सहगोत्रिय गाँव हैं।

पिता:- श्री चालकदान आढ़ा ( लूँगिया ) नागौर

माता:- श्री मती सदा कँवर रतनु ( भुंबलिया) पाली

पत्नी:- श्री मती विनोद कँवर बारठ ( छिला) नागौर

बहने:- किंतु कँवर , विनोद कँवर , ऋचा कँवर

बच्च:- दिव्यांश दुर्शावत , आर्यन आढ़ा

गजेन्द्र अजमेरा का निवास

अजमेरा का परिवार उनके जन्म के सात पीढ़ियों से नागौर जिले की रियां बङी तहसील के एक छोटे से गांव लुंगिया में निवास करता हैं। पिताजी का बसों का व्यवसाय अजमेर जिले की पिसांगन तहसील में शिव कॉलनी में होने से इनके 15 साल पिसांगन में बीते जहाँ आज भी इनका मकान हैं। वर्तमान में आप जोधपुर शहर में निवास करते हैं ।


गजेन्द्र अजमेरा की शिक्षा व संघर्ष 

(1) प्रारम्भिक शिक्षा - आपने प्राथमिक विद्यालय लूंगिया, आदर्श विद्या मंदिर पीसांगन (अजमेर) , सुभाष शाला (पिसांगन) और सीनियर सैकेंडरी स्कूल पीसांगन (अजमेर) से प्रारम्भिक शिक्षा प्राप्त की।

(2) उच्च शिक्षा - सेठ छीतरमल फूलचंद जैन महाविद्यालय से आपने B.A.व इतिहास विषय में M.A. की डिग्री प्राप्त की। पीसांगन ( अजमेर) 2005 में।

(3) माडी देवी मेमोरियल कॉलेज रियां बङी से आपने B.Ed. की डिग्री भी प्राप्त की 2009 -10 में।

(4) बस परिचालक- शिक्षा के बाद अजमेरा पीसांगन से अजमेर के बीच चल रही अपनी बस पर परिचालक का कार्य संभालने लगे और लगभग तीन वर्ष तक यहां कार्यरत रहे।

(5) B.S.F. के साथ सेवा- लगभग दो साल तक आपने BFL (बोर्डर फ्लेट लाईट) जैसलमेर में B.S.F. के साथ सेवा दी 2004 में।

(6) सुपरवाईजर Mediyetor: लगभग एक वर्ष तक आप पूना (महाराष्ट्र) के टाकवे गांव में वेरैक लाईटिंग कंपनी में सेक्युरिटी गार्ड के पद पर कार्यरत रहे 2005।

(7) अध्यापन के क्षेत्र में- इसके बाद आपने अपना कदम अध्यापन के क्षेत्र में बढाया और तीन साल तक पाली की आई माता स्कूल, जनता कॉलोनी में अध्यापन करवाया। 2010 -17 आप मरुधर डिफेंस गर्लस कॉलेज, मेडता सिटी मे इतिहास विषय के व्याख्याता के पद को सुशोभित करते रहे और पिछले 8 वर्ष से अपनी सेवा देते रहें हैं।

(8) गायन के जादूगर- संगीत गायन के क्षेत्र में तो आपकी रुचि बालपन से ही थी। आपने अपने गुरुओं की प्रेरणार्थ अपना कदम गायन की गहराइयों तक बढाया।


अजमेरा के गायन गुरु

(1) कंठ गायकी गुरु: स्वर्गीय श्री रतनलाल भाटी पीसांगन (अजमेर)

(2) संगीत शिक्षा गुरु बालक रामजी पीसांगन (अजमेर)

(3) हारमोनियम गुरु: सोहन जी रैदास पीसांगन (अजमेर)

(4) धनराज जी सोनी पांचडोलिया और D.D. चारण साहब धाँधलास, पुखराज जी जादम माली कत्यसनी इन सबकी प्रेरणा और वीर तेजाजी महाराज के पावन आशीर्वाद की बदौलत आप वर्तमान में गायन के क्षेत्र में शिखर पर विराजमान हैं।

(5) इनके छोटे काका नारायण सिंह जी और माँसी सुनिता कँवर ने इनको BED करवाई और एक साल अपने पास रख कर इनको शिक्षा की और मौड़ा ।

(6) छोटे काका कोजु दान जी के परियासो से इनको मरुधर Girls Collage में अध्यापन का मौक़ा मिला।

(7) स्वर्गीय गोपाल जी गुर्जर और राजस्थान की सुविख्यात अभिनेत्री रानी जी रंगिली ने इनको संगीत की दुनिया में आगे बढ़ाया और 4 साल साथ रह कर काम किया ।

(8) जोधपुर में लाने का श्रेय चेतन जी कलिराणा खोखरिया को हे इनकी प्रेरणा से गजेन्द्र अजमेरा जोधपुर बस गए ।

अब तक अजमेरा सैकडों मारवाङी एलबम निकाल चुके हैं जिनमें वीर तेजाजी के एलबम विशेष आकर्षण का केन्द्र रहे हैं। वर्तमान में इनकी गिनती राजस्थान के बेसुमार गायक कलाकारों में होती हैं। इनकी प्रत्येक जागरणों में लाखों की संख्या में श्रोता शामिल होते हैं और इनके रसीले भजनों से मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।

लोकदेवता वीर तेजा जी से भक्ति संबंध

अजमेरा वीर तेजाजी महाराज के परम व अनन्य भक्त हैं। अजमेरा राजस्थान के सबसे लोकप्रिय वीर तेजा भजन गायक हैं और अब तक तकरीबन 200 से अधिक तेजाजी के भजन बनाकर गा चुके हैं। वीर तेजाजी महाराज के सुपरहिट भजनों की प्रस्तुति और सर्वाधिक लोकप्रियता के बाद सम्मानं।


अजमेरा को सम्मानित (सम्मान)

● 2014 में जयपुर में 'अखिल भारतीय जाट महासभा' द्वारा आपको 'वीर तेजा गौरव सम्मान' से नवाजा गया।

● 2015 में सुरसुरा में "वीर तेजा गौरव" सम्मान मिला

● 2016 में सुरसुरा में ""वीर तेजा भगत "सम्मान मिला

● 2019 में जाट समाज दिल्ली " जाट गौरव सम्मान "

● 2020 अंतरराष्ट्रीय जाट संसद "जाट गौरवसम्मान"