सुखदेव सिंह गोगामेङी करेंगे बेनीवाल के टिकट का विरोध


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सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की वसुंधरा राजे से नज़दीकियां किसी से छिपी हुई नहीं है, जहाँ बेनीवाल के साथ गठबंधन कर भाजपा ने नागौर की टिकट दे दी है जिसके चलते जाट वोटरों का भाजपा की तरफ रुझान होने के कयास लगाए जा रहे हैं वहीँ इसकी वजह से बड़ा खतरा परंपरागत क्षत्रिय वोटरों का भाजपा से दूर जाना भी सकता है

क्षत्रिय समाज के अन्य नेता भी हैं नाराज़ सूत्रों के हवाले से पता चला है कि अभी तक असंगठित नज़र आ रही क्षत्रिय संस्थाएं हनुमान बेनीवाल को टिकट देने के बाद से एकजुट होने में लगी हैं जिसकी वजह से भाजपा को नाराजगी झेलनी पड़ सकती है जो अभी तक केवल वसुंधरा की ही खिलाफत करते थे मगर केंद्र  से किसी भी तरह की अनबन को सीधा नकार दिया करते थे

वसुंधरा की नाराजगी बेनीवाल से कम हुई नहीं लगती है बेनीवाल प्रेस वार्ता के दौरान जावड़ेकर और राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी के साथ नज़र आये ऐसे में इस बात को समझा जा सकता है कि तकनीकी रूप से वसुंधरा राजे को उसमें उपस्थित रहने की जरुरत नहीं थी मगर वसुंधरा के बेहद निकट मदन लाल सैनी के बारे में भी बेनीवाल कहने से बचते रहे और वार्ता में केवल एक बार भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की पोजीशन का नाम लिया मगर मदन लाल सैनी का नाम नहीं लिया, वहीँ मदन लाल सैनी भी खुश नज़र नहीं आये और उन्होंने बेनीवाल के लिए कोई कसीदे नहीं पढ़े जैसा अमूमन ऐसी जगह पढ़े जाते हैं
गोगामेड़ी के सभी प्रभारी उसके ही समाज से हैं मगर बेनीवाल के नहीं मीडिया प्रबंधन हो, सचिव हो या कोई और पोजीशन हो, गोगामेड़ी के सभी पदाधिकारी उसके ही समाज के लोग हैं वहीँ बेनीवाल के साथ ऐसा नहीं है, ऐसे में सामाजिक नेता के तौर पर गोगामेड़ी ज्यादा समाज से जुड़ा नेता माना जाएगा वहीँ बेनीवाल केवल राजनैतिक नेता माना जाएगा जिसको आगे बढ़ने के लिए कुछ समय तक जातिवाद की आवश्यकता है

ड़े जाट नेताओं का समर्थन नहीं है बेनीवाल को बड़े और प्रभावशाली जाट नेता जैसे राजा राम मील व अन्य बेनीवाल को ज्यादा महत्व नहीं देते, ज्यदातरः जाट नेता मुद्दा आधारित समर्थन देते हैं मगर सामान्यतः कांग्रेस के ज्यादा समीप देखे जाते हैं, समय के साथ भाजपा को क्षत्रियों की और कांग्रेस को जाटों की स्वाभाविक पसंद बना दी गयी है जो पिछले कुछ चुनावो से बदल रही है और बेनीवाल के जाट नेता की तरह उभरकर भाजपा में जाने से और भी तेज़ गति से बदलेगी मगर इसके साथ ही क्षत्रिय भी अब कांग्रेस की तरफ उतनी ही तेज़ी से आते हुए दिखाई देंगे ये तय है