बेनीवाल के गढ मे कांग्रेस की हुंकार ! कांग्रेस को डरा रहा है हार का डर



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  1.  लोकसभा चुनावों को लेकर सभी पार्टियों ने अपने-अपने दौरे तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में राजस्थान में भी कांग्रेस ने चुनावी शंखनाद शुरू कर दिया हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तमाम बड़े नेताओं के साथ राजस्थान के सभी जिलों में अपनी रैलियां शुरू कर दी हैं। सबसे पहले रैलियां वहाँ की जा रही हैं, जहाँ कांग्रेस की स्थिति कमजोर हैं। पिछले दो दिनों में मुख्यमंत्री गहलोत ने टोंक, सीकर, बीकानेर, जोधपुर और नागौर में अपनी जनसभाएं की हैं।


बेनीवाल के गढ़ नागौर में भी गहलोत की जनसभा

एक समय में नागौर लोकसभा क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। यह जिला आजादी से ही जाट राजनीति का केंद्र रहा हैं। कांग्रेस के बड़े जाट नेता नाथूराम मिर्धा का भी गृह क्षेत्र यही था। अब इस लोकसभा क्षेत्र में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सयोंजक और खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल का दबदबा हैं। हनुमान बेनीवाल नागौर की खींवसर विधानसभा से लगातार तीसरी बार विधायक हैं। विधायक हनुमान बेनीवाल ने पिछले लोकसभा चुनाव में भी लोकसभा चुनाव लड़ा था, उस समय हनुमान बेनीवाल उभर ही रहे थे, फिर भी उन्होंने 1,59980 वोट हांसिल किये थे। 

नागौर लोकसभा सीट से भाजपा के सी आर चौधरी विजयी रहे थे। वहीं कांग्रेस की ज्योति मिर्धा 75000 वोटों से चुनाव हार गई थी। ज्योति मिर्धा को मिली हार का सबसे बड़ा कारण हनुमान बेनीवाल ही थे, क्योंकि बेनीवाल को वजह स्व वोटो का धुर्वीकरण हो गया था। जिसके कारण मिर्धा परिवार की ज्योति मिर्धा को हार का सामना करना पड़ा।


इस बार हो रहे लोकसभा चुनावों में भी वहीं स्थिति हैं, लेकिन इस बार हनुमान बेनीवाल का पलड़ा बहुत भारी हो गया हैं। इस बार बेनीवाल ने अपनी पार्टी भी बना ली हैं और पिछले 5 सालों में बेनीवाल ने अपनी अच्छी पकड़ बना ली हैं। विधानसभा चुनावों में भी बेनीवाल ने नागौर से 2 विधानसभा सीट भी निकाल ली थी। 


इस डर के कारण के कांग्रेस ने आज नागौर में अपनी चुनावी सभा की हैं। आज नागौर के मकराना में हुई जनसभा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे, पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा सहित कांग्रेस के नागौर जिले के सभी बड़े नेता मौजूद थे। पिछली बार की तरह हार न मिले, इसके लिए कांग्रेस हर तरह से प्रयास कर रही हैं। अब आने वाला वक्त ही बताएगा कि नागौर की जनता किसे दिल्ली भेजेगी।
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