भाजपा - कांग्रेस को पटखनी देने के लिए रालोपा को छात्र राजनीतिक संगठन की जरूरत

छात्र राजनीति में संगठन की भागीदारी होनी चाहिए क्योंकि छात्र वहा पर जिस पार्टी से जुड़ा है तो वो उसे अपनी माँ मान लेता है और उसके लिए रात दिन मेहनत करता है जैसे छात्र राजनीति में NSUI ABVP जैसे संगठन है!

 दोनो बडी पार्टीयो के तो वहा छात्र जिस पार्टी से जुड़ा है तो वो उसे नही छोड़ता है उसी में भविष्य बनाने की सोचते हैं
रालोपा कोई संगठन नही होने के कारण छात्र उन संगठन से जुड़ जाता है

पार्टी के वफादार कार्यकर्ता वहा से तैयार होते हैं
और साथ ही साथ संगठन का प्रत्येक पंचायत स्तर पर विस्तार करना चाहिए जिससे लोगो को पार्टी के बारे में समझाये
सोशल मीडिया पर केंपेन चला कर पार्टी की सदस्यता अभियान को बढाना चाहिये